Category: Social Issues

झरिया में 'यमराज' बना बेकाबू हाइवा: शादी में जा रही महिला को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत!

झरिया: ‘यमराज’ बने दौड़ते हाइवा, रफ्तार के जुनून ने उजाड़ा एक और सुहाग!

झरिया में ‘यमराज’ बना बेकाबू हाइवा: शादी में जा रही महिला को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत! झरिया (धनबाद): झरिया-केंदुआ मुख्य मार्ग एक बार फिर रक्त रंजित हो उठा…

safety first in wedding season

सैकड़ों किलोमीटर का सफर और हादसों का डर: क्या शादी का कार्ड जान से कीमती है?

बदलता समय, बदलती परंपरा: शादी का निमंत्रण और हमारी समझदारी : safety first in wedding season safety first in wedding season – वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है,…

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर मौत का साया: नया धौड़ा कॉलोनी में भू-धंसान और गैस रिसाव से दहशत

केंदुआ नया धौड़ा में भू-धंसान और गैस रिसाव (Kendua Land Subsidence & Gas Leak) | Dhanbad Bokaro Road Latest News

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग ताजा अपडेट : Dhanbad Bokaro Road Latest News केंदुआ: धनबाद के कोयलांचल क्षेत्रों में जमीन के नीचे सुलग रही आग अब बस्तियों को निगलने पर आमादा है।…

dhanbad kendua road subsidence

धंसते धनबाद का खौफनाक सच: केंदुआ के बाद क्या अब झरिया की बारी? | dhanbad kendua road subsidence

कोयलांचल की धड़कन कहलाने वाली सड़कें और घर अब मौत का साया बन चुके हैं। यह एक गंभीर और चिंताजनक मुद्दा है। धनबाद-झरिया की धरती अब धीरे-धीरे अपना धैर्य खो…

noida workers protest salary hike

नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का उग्र प्रदर्शन | noida workers protest salary hike

नोएडा (उत्तर प्रदेश): पिछले कुछ दिनों से नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का असंतोष सड़कों पर उतर आया है। बढ़ती महंगाई और कम वेतन से परेशान होकर…

शिक्षा का बाजारीकरण: जब स्कूल 'विद्या के मंदिर' न रहकर 'मुनाफाखोरी के अड्डे' बन जाएं

कोयलांचल की शिक्षा का बाजारीकरण: जब स्कूल ‘विद्या के मंदिर’ न रहकर ‘मुनाफाखोरी के अड्डे’ बन जाएं

किताबों से लेकर कवर तक: प्राइवेट स्कूलों का ‘रिटेल सिंडिकेट’ और अभिभावकों की बेबसी आज के समय में शिक्षा एक बुनियादी अधिकार के बजाय एक बेहद महंगा व्यवसाय बन चुका…

"झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा के दौरान रेलवे स्टेशन पर भीड़ और सोते हुए छात्र।"

उत्पाद सिपाही (Excise Constable) परीक्षा: एक विश्लेषण और व्यवस्था पर सवाल

रोजगार का ‘आंकड़ा’ और हताशा का ‘सैलाब’ आज संपन्न हुई उत्पाद सिपाही (Excise Constable) परीक्षा ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोली है, बल्कि राज्य की उस कड़वी सच्चाई…