धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर मौत का साया: नया धौड़ा कॉलोनी में भू-धंसान और गैस रिसाव से दहशतधनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर मौत का साया: नया धौड़ा कॉलोनी में भू-धंसान और गैस रिसाव से दहशत

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग ताजा अपडेट : Dhanbad Bokaro Road Latest News

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केंदुआ: धनबाद के कोयलांचल क्षेत्रों में जमीन के नीचे सुलग रही आग अब बस्तियों को निगलने पर आमादा है। केंदुआडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर स्थित नया धौड़ा कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से जारी भू-धंसान और जहरीली गैस के रिसाव ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। स्थिति इतनी भयावह है कि लोग डर के मारे पूरी रात जागकर बिता रहे हैं।

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घरों में पड़ी दरारें, जमींदोज होने का डर

रिपोर्ट के मुताबिक, भू-धंसान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ओल्ड कुसुंडा जीएम बंगले के पास स्थित नया धौड़ा कॉलोनी के 8-10 घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र कुमार, सुनील सिंह और अन्य का कहना है कि घर कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। दहशत का आलम यह है कि कई परिवारों ने अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहाँ शरण ले ली है।

बीसीसीएल और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश

घटनास्थल पर पहुँचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।

  • सुरक्षित पुनर्वास की मांग: प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें अविलंब सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए, अन्यथा वे “जिंदा दफन” हो जाएंगे।
  • आंदोलन की चेतावनी: विधायक राज सिन्हा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राहत कार्य और सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

मुख्य मार्ग पर खतरा और पाइपलाइन का संकट

भू-धंसान केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क के नीचे भी गोफ (खाली जगह) बन गया है जहाँ से गैस निकल रही है। इसके ठीक नीचे ‘माडा’ की पानी पाइपलाइन भी गुजर रही है। यदि सड़क धंसी, तो पाइपलाइन फटने से हजारों लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।

प्रमुख बिंदु जो चिंता बढ़ाते हैं:

  1. जहरीली गैस: रिसाव के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
  2. शिक्षा का नुकसान: बेघर होने के डर से बच्चों की पढ़ाई और रोजगार पूरी तरह बाधित हो गया है।
  3. प्रशासनिक सुस्ती: ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, जमीन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं दिख रही।

केंदुआ की यह घटना एक बड़े हादसे का संकेत दे रही है। यदि बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने बेलगड़िया या अन्य सुरक्षित स्थानों पर इन परिवारों का त्वरित पुनर्वास नहीं किया, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

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