नोएडा (उत्तर प्रदेश): पिछले कुछ दिनों से नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का असंतोष सड़कों पर उतर आया है। बढ़ती महंगाई और कम वेतन से परेशान होकर हजारों की संख्या में श्रमिक प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके कारण कई इलाकों में यातायात और कामकाज ठप हो गया है।
क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने की भ्रामक खबरें वायरल हुईं। इसके बाद नोएडा के विभिन्न सेक्टरों (मुख्यतः सेक्टर 57 से 84 और 121) में काम करने वाले करीब 42,000 श्रमिकों ने अपनी मजदूरी बढ़ाने की मांग शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण असंभव है।
प्रदर्शन हुआ उग्र, वाहनों में लगाई गई आग
10 अप्रैल से शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन 13 अप्रैल तक काफी उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान लगभग 50 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और 150 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति को काबू में करने के लिए नोएडा पुलिस को भारी बल का प्रयोग करना पड़ा और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।
सरकार ने जारी किया नया वेतन चार्ट
श्रमिकों की पीड़ा और बढ़ते दबाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए तत्काल प्रभाव से नया वेतन चार्ट जारी किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा:
| श्रेणी | पुराना वेतन (₹) | नया वेतन (₹) |
| अकुशल | 11,314 | 13,690 |
| अर्धकुशल | 12,445 | 15,059 |
| कुशल | 13,940 | 16,868 |
(नोट: अन्य नगर निगमों और छोटे जिलों के लिए भी इसी प्रकार वेतन में वृद्धि की गई है।)
प्रशासन की कार्रवाई और अफवाहों की जांच
पुलिस प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘साजिश’ के नजरिए से भी देखना शुरू कर दिया है। नोएडा पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर करीब 50 ऐसे ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने भ्रामक खबरें फैलाकर मजदूरों को भड़काया। कुछ रिपोर्ट्स में इस बवाल के पीछे बाहरी और असामाजिक तत्वों के हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच उच्च स्तरीय कमेटी कर रही है।
पत्रकारिता की दयनीय स्थिति पर भी उठा सवाल
इस कवरेज के दौरान जिला और तहसील स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों की बदहाली का मुद्दा भी चर्चा में रहा। कई मीडियाकर्मी बहुत कम वेतन (₹3000 – ₹15000) में काम करने को मजबूर हैं, जिससे वे अपनी स्वयं की समस्याओं को भी प्रमुखता से नहीं उठा पाते हैं।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने मजदूरों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। फिलहाल, नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
