कोयलांचल की शिक्षा का बाजारीकरण: जब स्कूल ‘विद्या के मंदिर’ न रहकर ‘मुनाफाखोरी के अड्डे’ बन जाएं
किताबों से लेकर कवर तक: प्राइवेट स्कूलों का ‘रिटेल सिंडिकेट’ और अभिभावकों की बेबसी आज के समय में शिक्षा एक बुनियादी अधिकार के बजाय एक बेहद महंगा व्यवसाय बन चुका…

