एक हँसता-खेलता परिवार उजड़ा: डिगवाडीह में शमीम अंसारी की निर्मम हत्या ने बस्ती को झकझोराएक हँसता-खेलता परिवार उजड़ा: डिगवाडीह में शमीम अंसारी की निर्मम हत्या ने बस्ती को झकझोरा

झरिया/जोरापोखर: झरिया के जोरापोखर क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 35 वर्षीय शमीम अंसारी, जिन्हें लोग प्यार से ‘गुड्डू’ के नाम से जानते थे, अब हमारे बीच नहीं रहे। डिगवाडीह 12 नंबर काटा घर डंपिंग यार्ड के पास उनका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त है।

एक हँसता-खेलता परिवार उजड़ा: डिगवाडीह में शमीम अंसारी की निर्मम हत्या ने बस्ती को झकझोरा

कौन थे शमीम अंसारी?

शमीम अंसारी को जानने वाले लोग उन्हें एक अत्यंत सरल और नेक इंसान बताते हैं। जेलगोरा 16 नंबर खपड़ा धौड़ा के निवासी शमीम किसी विवाद या आपराधिक गतिविधियों से दूर रहते थे। उनका जीवन उनकी छोटी सी राशन की दुकान के इर्द-गिर्द घूमता था, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बस्ती के लोगों का कहना है कि वे बेहद मिलनसार थे और दिन भर अपनी दुकान पर मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालते थे।

उजड़ गया सपनों का आशियाना

शमीम की असामयिक मृत्यु ने उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। उनके पीछे अब उनकी बूढ़ी माँ, पत्नी तराना परवीन और तीन छोटे बच्चे—मीठी (13 वर्ष), मेहक (11 वर्ष) और आर्यन (7 वर्ष) अकेले रह गए हैं। एक पिता और पति के साये के बिना, इस छोटे से परिवार के सामने अब जीवन जीने का संकट खड़ा हो गया है। उन मासूम बच्चों को अभी यह भी समझ नहीं आ रहा होगा कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।

कानून के घेरे में सवाल

शव का बरामद होना, उस स्थान पर जहाँ अवैध जुआ और डंपिंग जैसी गतिविधियाँ होती हैं, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जोरापोखर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। सवाल यह है कि एक सीधा-साधा इंसान जो अपने काम से काम रखता था, वह ऐसी जगह कैसे पहुँचा और उसकी हत्या के पीछे कौन है?

समाज के लिए चिंता का विषय

यह घटना न केवल एक परिवार की बर्बादी है, बल्कि उस समाज के लिए भी एक चेतावनी है जहाँ इस तरह की घटनाएं बेखौफ होकर हो रही हैं। एक दुकानदार, जो अपने परिवार का सहारा था, आज एक अपराध का शिकार बन गया है।

अब पुलिस पर जिम्मेदारी है कि वे जल्द से जल्द इस गुत्थी को सुलझाएं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएं। लेकिन, कानून की कार्यवाही के बीच, पीछे छूट गए उस परिवार का भविष्य क्या होगा, यह प्रश्न पूरी बस्ती के लिए एक गहरी चिंता और पीड़ा का विषय बना हुआ है।

ईश्वर शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करे।